पीलीभीत। जनपद में 20 मई को 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा तापमान अब गंभीर चिंता का विषय बन गया है। बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा मौसम केवल असुविधाजनक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है, ऐसे में सभी लोगों को सावधानीपूर्वक व्यवहार करना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढककर निकलें। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों के सेवन पर जोर दिया। साथ ही हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार व्यक्तियों की विशेष देखभाल करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि लू लगने के लक्षण जैसे चक्कर आना, सिरदर्द या उल्टी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क किया जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह भीषण गर्मी केवल मानव जीवन ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी संकट उत्पन्न कर रही है। ऐसे में नागरिक अपने घरों और आसपास पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि आवारा पशु और पक्षी भी राहत पा सकें। नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल और छायादार विश्राम स्थलों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और कार्यालयों से भी अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों और विद्यार्थियों को गर्मी से बचाव के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक सतर्कता और जागरूकता से ही इस भीषण मौसम की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
