लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ तौर पर कहा है कि जनता से टैक्स के रूप में मिलने वाला एक-एक पैसा केवल विकास और जनहित के कार्यों में ही इस्तेमाल किया जाएगा। मंगलवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखनऊ नगर निगम की 413 करोड़ रुपये की लागत वाली 342 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए दिया जा रहा यह धन किसी मुख्यमंत्री या मंत्री की जेब से नहीं आ रहा है, बल्कि यह जनता का ही पैसा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सिर्फ इस धन का सही और पारदर्शी नियोजन कर सीधे जनता तक इसका लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती व्यवस्थाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को दुरुस्त करने में भले ही समय लगा, लेकिन आज पूरे प्रदेश में विकास और स्वच्छता का एक नया मॉडल मजबूती से स्थापित हो चुका है।Yogi Adityanath Lucknow development projects
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ इसी सिद्धांत पर काम कर रही हैं कि जनता की गाढ़ी कमाई सिर्फ उनकी भलाई के लिए ही खर्च हो। यह कार्यक्रम लखनऊ नगर निगम की महापौर सुषमा खर्कवाल के तीन वर्ष का सफल कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जहां शहरवासियों को विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी गई। कार्यक्रम के दौरान ‘स्वच्छ सुंदर समर्थ लखनऊ’ विषय पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें शहर के बदलते स्वरूप को दिखाया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों, 200 नगर पालिका परिषदों, 545 नगर पंचायतों और लगभग 14,000 पार्षदों को उनके तीन वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ की जनता और नगर निगम की सराहना करते हुए कहा कि लखनऊ को स्वच्छता रैंकिंग में देश भर में तीसरा स्थान हासिल हुआ है, लेकिन अब हमारा लक्ष्य इसे पहले पायदान पर पहुंचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस लक्ष्य को केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपनी जिम्मेदारी समझने की अपील करते हुए कहा कि लोग घरों का कूड़ा सिर्फ कूड़ेदान में ही डालें, गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करें और सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करें। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि जनता के सहयोग से लखनऊ जल्द ही देश का सबसे स्वच्छ और आदर्श शहर बनकर उभरेगा।
