नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया बयान ने भारत-अमेरिका कूटनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। भारत यात्रा से पहले दिए गए उनके बयान को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
रुबियो ने दावा किया कि वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति अगले सप्ताह भारत की यात्रा पर आ सकते हैं, जबकि इस संबंध में न तो भारत सरकार और न ही वेनेजुएला की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है। इस बयान को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए इसे कूटनीतिक शिष्टाचार का उल्लंघन बताया है।Marco Rubio controversial statement India visit
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी रुबियो ने महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को उसकी आवश्यकता के अनुसार तेल और गैस आपूर्ति करने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने वेनेजुएला से तेल आयात की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। वर्तमान में भारत वेनेजुएला से रिकॉर्ड स्तर पर कच्चे तेल का आयात कर रहा है, जो अपेक्षाकृत सस्ता माना जा रहा है। मई में वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया।Marco Rubio controversial statement India visit
रुबियो 23 से 26 मई तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे, जो उनकी पहली भारत यात्रा होगी। इस दौरान वे कोलकाता, नई दिल्ली, आगरा और जयपुर का दौरा करेंगे। 26 मई को वे क्वाड समूह की बैठक में भी शामिल होंगे, जिसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
