अनुग्रह राशि, बीमा योजनाओं और वन्यजीव सुरक्षा को लेकर अधिकारियों व बाघ मित्रों को दिया गया प्रशिक्षण
Pilibhit Tiger Reserve के वन शहीद कुंदन लाल सभागार में मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन, अनुग्रह राशि दावा प्रक्रियाओं एवं बीमा संबंधी जागरूकता-सह-क्षमता निर्माण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बाघ मित्रों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फील्ड डायरेक्टर P. P. Singh ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष वर्तमान समय में वन्यजीव संरक्षण के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि वनकर्मी और बाघ मित्र समन्वय के साथ कार्य कर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने बाघ मित्रों की सराहना करते हुए कहा कि वे वन विभाग के पूरक के रूप में कार्य करते हुए अपने समर्पण और मेहनत से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए कि पीड़ित परिवारों को समय पर अनुग्रह राशि का लाभ मिले। साथ ही सरकार की अन्य योजनाओं के माध्यम से भी प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी Bharat Kumar D. K. ने कहा कि वर्तमान समय में फसलों की कटाई के कारण खेत खाली हो चुके हैं, जिससे वन्यजीवों को छिपने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते कुत्तों द्वारा शाकाहारी वन्यजीवों को घायल किए जाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सभी से अधिक सतर्क रहने की अपील की।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में पीलीभीत, माला, महोफ एवं बीसलपुर रेंज के वनकर्मियों, अधिकारियों और बाघ मित्रों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन में मुआवजे की भूमिका, दावा प्रक्रियाओं और पीड़ित परिवारों को सरल एवं समयबद्ध तरीके से अनुग्रह राशि उपलब्ध कराने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
WWF-India के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी Naresh Kumar ने वन्यजीवों के कारण मानव घायल होने, मृत्यु, संपत्ति एवं पालतू पशुओं की हानि तथा कृषि फसलों के नुकसान से संबंधित मुआवजा प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
इसके साथ ही डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया द्वारा फ्रंटलाइन स्टाफ को अनुग्रह सहायता राशि योजना की जानकारी भी प्रदान की गई। योजना के अंतर्गत वन विभाग के औपचारिक अनुरोध एवं निर्धारित मानकों की पूर्ति होने पर ड्यूटी के दौरान मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में वन विभाग के फ्रंटलाइन कर्मचारियों अथवा उनके नामित परिजनों को तीन लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी Rudra Pratap Singh, रेंज अधिकारी Vineet Kumar, Rovin Kumar (माला), रेंजर Rovin Singh, Sher Singh सहित वन दरोगा, वनरक्षक एवं बड़ी संख्या में बाघ मित्र उपस्थित रहे।
