शी चिनफिंग ने ट्रंप को दी चेतावनी, कहा—असहमति संबंधों को टकराव की ओर ले जा सकती है
बीजिंग में आयोजित दो दिवसीय उच्चस्तरीय शिखर वार्ता के दौरान चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि ताइवान मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बढ़ती असहमति गंभीर टकराव का रूप ले सकती है। शी ने चेतावनी दी कि यह विवाद चीन-अमेरिका संबंधों को अस्थिर दिशा में धकेल सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि व्यापार वार्ता में सकारात्मक प्रगति दर्ज की जा रही है।
चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने वैश्विक व्यापार मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति पर भी चर्चा की। खासकर होर्मुज स्ट्रेट से निर्बाध व्यापार बहाली को लेकर सहमति बनी, जो ईरान युद्ध के कारण प्रभावित हुआ है। अमेरिकी पक्ष के बयान में कहा गया कि शी ने अमेरिका से तेल आयात बढ़ाने में रुचि दिखाई है, जिससे पश्चिम एशिया पर चीन की निर्भरता कम हो सके।
वार्ता के दौरान यह भी सामने आया कि दक्षिण कोरिया में हुई शुरुआती आर्थिक बातचीत को दोनों पक्षों ने “संतुलित और सकारात्मक” बताया। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि भविष्य में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक औपचारिक तंत्र स्थापित किया जा सकता है। साथ ही, चीन द्वारा बोइंग विमानों के बड़े ऑर्डर की संभावना भी जताई गई।
ताइवान मुद्दे पर चीन ने एक बार फिर अमेरिका की ओर से हथियार बिक्री की आलोचना की। ट्रंप प्रशासन द्वारा ताइवान के लिए प्रस्तावित 14 अरब डॉलर के हथियार पैकेज को अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं दी गई है। ताइवान की ओर से कहा गया कि चीन का बढ़ता सैन्य दबाव क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा है।
भव्य राजकीय भोज के दौरान Xi Jinping ने कहा कि चीन-अमेरिका संबंध विश्व की सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय साझेदारियों में से एक हैं। इस आयोजन में टेस्ला प्रमुख Elon Musk और एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग सहित कई प्रमुख अमेरिकी उद्योगपति भी शामिल हुए। Donald Trump ने इस अवसर पर कहा कि यह बैठक अब तक की सबसे महत्वपूर्ण शिखर वार्ताओं में से एक साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू आर्थिक दबाव, मुद्रास्फीति और राजनीतिक चुनौतियों के बीच यह वार्ता अमेरिकी नेतृत्व के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, खासकर आगामी मध्यावधि चुनावों को देखते हुए।
