भारत विकास परिषद टाइगर शाखा की पहल, 53 बालक-बालिकाओं ने लिया सहभाग
पीलीभीत। भारत विकास परिषद रोहिलखंड प्रान्त पूर्वी एनसीआर-1 की टाइगर शाखा पीलीभीत के तत्वावधान में आयोजित बाल संस्कारशाला के प्रथम दिन बच्चों को नैतिक मूल्यों, अनुशासन और संस्कारित जीवन का पाठ पढ़ाया गया। कार्यक्रम का आयोजन कम्पोजिट विद्यालय नखसा में किया गया, जिसमें 53 बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाखा के संरक्षक ज्ञानेंद्र अग्रवाल ने भारत माता, स्वामी विवेकानंद एवं वीणा वादिनी मां सरस्वती के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर संयोजिका महिला सहभागिता कुमकुम अग्रवाल ने बाल संस्कारशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में जागरूकता, चेतना और प्रेरणा का संचार कर सुसंस्कृत भारत के निर्माण की भावना को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने मधुर स्वर में वंदे मातरम् और राष्ट्रगीत प्रस्तुत कर देशभक्ति का संदेश दिया। इसके बाद विभिन्न वक्ताओं ने बच्चों को जीवन मूल्यों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

उर्मिला देवी, मंजू गुप्ता, पंकज तिवारी, रवि प्रकाश चंद्रा, मनोज मित्तल, विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित शर्मा, शिक्षक रामविलास, डमेश्वरी मिश्र एवं शाजिया आरिफ ने गायत्री मंत्र के उच्चारण और उसके अर्थ, नैतिक शिक्षा, अनुशासन, यातायात नियम, मोबाइल के सीमित उपयोग तथा जेब खर्च की बचत जैसे विषयों पर बच्चों को जागरूक किया।
वक्ताओं ने बच्चों को मितव्ययी बनने, यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने के लिए परिवार को प्रेरित करने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहने तथा अस्पताल और विद्यालय के आसपास हॉर्न का प्रयोग न करने की सीख दी। साथ ही छोटे बच्चों को मोबाइल से दूर रखने और माता-पिता एवं गुरुओं के सम्मान का महत्व भी समझाया गया।
कार्यशाला में निराली, नैना, निधि, नंदिनी और राजकुमार सहित कई प्रतिभागियों ने परिचर्चा में भाग लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के माध्यम से भारत विकास परिषद द्वारा सुसंस्कृत और जागरूक भारत निर्माण के प्रयासों को नई गति मिली।
