घर-घर पहुंचकर जुटाए जाएंगे सामाजिक और आर्थिक आंकड़े, प्रशासनिक तैयारियां तेज़; डिजिटल तकनीक का भी होगा इस्तेमाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियाँ तेज़ी से शुरू हो गई हैं। इस बार जनगणना प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मकानों की गिनती और बुनियादी सुविधाओं का सर्वे किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या के साथ जातिगत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे। केंद्र सरकार ने अंतिम जनसंख्या घोषणा की तारीख 1 मार्च 2027 निर्धारित की है। UP Census 2027
पहले चरण के दौरान हर मकान और परिवार से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें मकान का प्रकार, उसमें उपलब्ध सुविधाएँ, परिवार के सदस्यों की संख्या और परिवार प्रमुख का विवरण शामिल रहेगा। इसके बाद दूसरे चरण में उम्र, लिंग, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक स्थिति और जाति से संबंधित विस्तृत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। UP Census 2027
सरकार इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है। अभियान में लाखों शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारी लगाए जाएंगे। ये कर्मचारी टैबलेट और मोबाइल ऐप की सहायता से घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे, जिससे आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ सके। UP Census 2027
विशेषज्ञों का मानना है कि जातिगत आंकड़ों के शामिल होने से सरकार को विभिन्न वर्गों की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी। इससे योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुँचाने, आरक्षण नीति तय करने और बजट आवंटन में अधिक प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।
प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों के प्रशिक्षण, डिजिटल उपकरणों की व्यवस्था और डेटा सुरक्षा को लेकर भी विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं। जनगणना 2027 को देश और प्रदेश की भविष्य की नीतियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। UP Census 2027
