महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय से मिली सत्र 2026-27 के लिए हरी झंडी
पीलीभीत | संवाददाता जनपद में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित हुआ है। शहर के प्रतिष्ठित स्प्रिंगडेल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज को महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा आगामी सत्र 2026–27 से बीए (BA) और बीएससी (BSc) के विभिन्न विषयों में पाठ्यक्रम संचालित करने की औपचारिक अनुमति मिल गई है। इस निर्णय से स्थानीय विद्यार्थियों में हर्ष की लहर है।
विविध विषयों का विकल्प: कला और विज्ञान में खुलेंगे अवसर
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, अब विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। कॉलेज में निम्नलिखित विषयों की पढ़ाई शुरू की जा रही है: Springdale College of Management Studies, Pilibhit
- बीए (B.A.): अर्थशास्त्र, शिक्षा शास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, हिंदी एवं अंग्रेजी।
- बीएससी (B.Sc.): वनस्पति विज्ञान (Botany), रसायन विज्ञान (Chemistry), गणित (Maths), भौतिकी (Physics) और प्राणी विज्ञान (Zoology)।
छात्रों के लिए बड़ी राहत: डायरेक्टर डॉ. हेमंत जगोता
कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. हेमंत जगोता ने बताया कि विश्वविद्यालय ने सभी मानकों की जांच के बाद पाठ्यक्रमों को विधिवत स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा:
“हमारा मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभावान छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, जो आर्थिक कारणों या संसाधनों के अभाव में बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई करने में असमर्थ हैं। आगामी शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं पूरी तैयारी के साथ संचालित की जाएंगी।”
सुगम आवागमन और आधुनिक व्यवस्था
स्प्रिंगडेल कॉलेज शहर के केंद्र में स्थित होने के कारण छात्रों के लिए अत्यंत सुविधाजनक है।
- कनेक्टिविटी: कॉलेज रेल मार्ग और प्रमुख बस स्टैंड से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
- परिवहन: सार्वजनिक परिवहन की बेहतर उपलब्धता के कारण दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्र भी आसानी से कॉलेज पहुँच सकेंगे। BA, B.Sc. in Springdale College of Management Studies, Pilibhit
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि पीलीभीत जैसे तराई क्षेत्र में इन नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत से न केवल साक्षरता दर और उच्च शिक्षा का ग्राफ ऊपर जाएगा, बल्कि यह कदम क्षेत्रीय विकास और युवाओं के रोजगार कौशल को बढ़ाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।
