उत्तर प्रदेश के 14 शहरों को मिलेगा बुलेट ट्रेन नेटवर्क का लाभ, 2035–2040 तक पूरा होने का लक्ष्य
नई दिल्ली। देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे ने दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर कार्य को तेज कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद राजधानी दिल्ली से लखनऊ की यात्रा मात्र 2 घंटे में और वाराणसी की यात्रा लगभग 4 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
यह परियोजना भारतीय रेलवे की अब तक की सबसे बड़ी आधुनिक परिवहन योजनाओं में से एक मानी जा रही है, जो वंदे भारत, शताब्दी और राजधानी जैसी तेज ट्रेनों के बाद रेल गति के क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगी।Delhi Varanasi High Speed Rail Corridor
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित दिल्ली–वाराणसी बुलेट ट्रेन मार्ग लखनऊ से होकर गुजरेगा, जिससे नोएडा समेत उत्तर प्रदेश के करीब 14 प्रमुख शहर इस हाईस्पीड नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएंगे। इससे राज्य के शहरी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।Delhi Varanasi High Speed Rail Corridor
इस कॉरिडोर की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि लखनऊ के पास से लगभग 135 किलोमीटर लंबी लिंक लाइन तैयार की जाएगी, जो सीधे अयोध्या को जोड़ेगी। इसके माध्यम से प्रयागराज, भदोही और रायबरेली जैसे प्रमुख शहर भी बुलेट ट्रेन नेटवर्क का हिस्सा बन जाएंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह परियोजना उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा समय को ऐतिहासिक रूप से कम करेगी और व्यापार, पर्यटन तथा रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करेगी। वर्तमान में दिल्ली से लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 6 घंटे 25 मिनट और शताब्दी एक्सप्रेस लगभग 6 घंटे 50 मिनट का समय लेती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हाईस्पीड रेल कॉरिडोर मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद देश का दूसरा बड़ा हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट होगा, जो उत्तर भारत के परिवहन ढांचे को पूरी तरह बदल सकता है।
